बार - बार सेल्फी लेना और सुंदर दिखने के लिए फिल्टर्स का प्रयोग का फोटो एडिटिंग करना शौक नहीं ,दिमागी बीमारी का रूप ले रही हैं |यह बात एक शोध में सामने आई हैं |अमेरिका स्थित 'बोस्टन सेण्टर 'के शोधकर्ता का कहना हैं कि ब्यूटी एप्प्लेकेशन का प्रयोग कर सोशल मिडिया पर सुंदर दिखने के होड़ बढती ही जा रही हैं |
किशोर ,खाशकर लड़कियों सुंदर दिखने के लिए फोबिया से ग्रसित हो रही हैं |ऐसे युवा शारीरिक कुरूपता सबंधी मानसिक विकार के शिकार हो रहे हैं |फोटो पसंद न आने पर युवा एडिटिंग का सहारा लेते हैं |फोटो में सुंदर न दिखने वाले लोग प्लास्टिक सर्जेरी का रुख भी कर रहे हैं |
अमेरिका में कुल जनसँख्या में करीब दो प्रतिशित लोग इस बीमारी के शिकार हैं |प्लास्टिक सर्जेरी करने वालों का कहना हैं यही कहना हैं कि उनके पास सबसे ज्यादा ऐसे मरीज आ रहे हैं जो सुंदर दिखने के लिए ये काम करता हैं |
किशोर ,खाशकर लड़कियों सुंदर दिखने के लिए फोबिया से ग्रसित हो रही हैं |ऐसे युवा शारीरिक कुरूपता सबंधी मानसिक विकार के शिकार हो रहे हैं |फोटो पसंद न आने पर युवा एडिटिंग का सहारा लेते हैं |फोटो में सुंदर न दिखने वाले लोग प्लास्टिक सर्जेरी का रुख भी कर रहे हैं |
अमेरिका में कुल जनसँख्या में करीब दो प्रतिशित लोग इस बीमारी के शिकार हैं |प्लास्टिक सर्जेरी करने वालों का कहना हैं यही कहना हैं कि उनके पास सबसे ज्यादा ऐसे मरीज आ रहे हैं जो सुंदर दिखने के लिए ये काम करता हैं |



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